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LPG संकट: सिलेंडर खत्म होने पर हुआ झगड़ा, देवरिया में महिला से मारपीट का आरोप

March 13, 2026 11:00 PM
देवरिया में एलपीजी सिलेंडर विवाद और दिल्ली में गैस सिलेंडर कालाबाजारी
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LPG सिलेंडर की किल्लत से बढ़ा तनाव: देवरिया में घरेलू विवाद हिंसक, दिल्ली में गैस की कालाबाजारी का खुलासा

देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर को लेकर बढ़ती चिंता अब केवल आर्थिक या आपूर्ति का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि सामाजिक तनाव और घरेलू विवादों की वजह भी बनती जा रही है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर हुआ एक घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। दूसरी ओर राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी के बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि जब सरकार कह रही है कि गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर आम लोगों तक सिलेंडर क्यों नहीं पहुंच पा रहे।

देवरिया में सिलेंडर को लेकर घर में बढ़ा विवाद

देवरिया जिले के करौदी गांव में एक परिवार के भीतर रसोई गैस को लेकर हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि जब घर में गैस खत्म हो गई तो महिला ने अपने पति से नया सिलेंडर लाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर पति नाराज हो गया और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में यह विवाद गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गया। पीड़िता का आरोप है कि पति ने पहले उसके साथ मारपीट की और जब घर में शोर सुनकर उसकी सास और ननद वहां पहुंचीं, तो उन्होंने भी झगड़ा शांत कराने के बजाय पति का साथ दिया और महिला के साथ हाथापाई की।

घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत कर न्याय की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी।

पुलिस ने जांच शुरू की

स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर कई जगहों पर परेशानी देखी जा रही है। कई बार लोगों को लंबे इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पाता, जिससे घरों में तनाव की स्थिति बन जाती है।

देवरिया में एलपीजी सिलेंडर विवाद और दिल्ली में गैस सिलेंडर कालाबाजारी
एलपीजी सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी के बीच देवरिया में घरेलू विवाद का मामला सामने आया।

Image Credit: Created with AI (Google Gemini) for illustrative purposes

देशभर में बढ़ी एलपीजी को लेकर चिंता

इसी बीच एलपीजी सिलेंडरों को लेकर देश के कई शहरों में चिंता का माहौल देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर लोगों को सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है।

हालांकि सरकार का दावा है कि देश में एलपीजी की वास्तविक कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में बढ़ी मांग और घबराहट में की जा रही बुकिंग के कारण वितरण व्यवस्था पर दबाव पड़ा है।

दिल्ली में सामने आया गैस की कालाबाजारी का जाल

राजधानी दिल्ली में एक मीडिया जांच के दौरान एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी का बड़ा नेटवर्क सामने आया। जांच में पता चला कि कई स्थानों पर बड़ी संख्या में सिलेंडर जमा करके उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।

उत्तर दिल्ली के नरेला इलाके में एक घर के अंदर दर्जनों गैस सिलेंडर रखे हुए पाए गए। बाहर से यह घर सामान्य दिखाई देता था, लेकिन अंदर जाने पर पता चला कि यहां बड़ी मात्रा में सिलेंडरों का भंडारण किया गया है। बताया गया कि ये सिलेंडर बिना वैध बुकिंग के नकद भुगतान के बदले बेचे जा रहे थे।

बाजार से ज्यादा कीमत पर बेचे जा रहे सिलेंडर

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ जगहों पर घरेलू सिलेंडर की कीमत आधिकारिक दर से काफी ज्यादा ली जा रही थी। उदाहरण के तौर पर करीब 900 रुपये की कीमत वाले सिलेंडर को 1500 रुपये तक में बेचा जा रहा था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कुछ लोग सिलेंडर से थोड़ी मात्रा में गैस निकालकर उन्हें बेच रहे थे। इससे ग्राहकों को महंगे दाम देने के बावजूद पूरा भरा हुआ सिलेंडर नहीं मिल रहा था।

संगम विहार और जसोला विहार में भी मिला नेटवर्क

जांच में दक्षिण दिल्ली के संगम विहार और जसोला विहार क्षेत्रों में भी इसी तरह की गतिविधियां सामने आईं। यहां छोटी दुकानों और झुग्गियों में सिलेंडर खुलेआम बेचे जा रहे थे।

कुछ स्थानों पर छोटे सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग भी की जा रही थी। दुकानदार ग्राहकों को जरूरत के हिसाब से गैस भरने का प्रस्ताव दे रहे थे। आमतौर पर यह गैस 150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जा रही थी।

सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और अनधिकृत रिफिलिंग केवल आर्थिक शोषण का मामला नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सुरक्षा जोखिम भी है।

घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जमा करना या बिना सुरक्षा मानकों के गैस निकालना किसी भी समय दुर्घटना या विस्फोट का कारण बन सकता है।

सरकार ने बढ़ाई डिलीवरी अवधि

हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की न्यूनतम डिलीवरी अवधि को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार यह फैसला फिलहाल बढ़ती मांग और सप्लाई के दबाव को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।

इसके साथ ही प्रति परिवार सालाना 15 सिलेंडरों की सीमा भी पहले की तरह लागू रहेगी।

सबसे बड़ा सवाल अभी भी बाकी

इन घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि सरकार का दावा है कि गैस की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है, तो फिर बड़ी संख्या में सिलेंडर काले बाजार तक कैसे पहुंच रहे हैं।

देवरिया में घरेलू विवाद और दिल्ली में सामने आए कालाबाजारी के मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एलपीजी वितरण प्रणाली में कहीं न कहीं ऐसी खामियां हैं, जिनका फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध कारोबार चला रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस पूरे नेटवर्क को रोककर आम उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि रसोई गैस जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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