युद्ध के बीच क्यों टूटे सोना-चांदी के दाम? 4 दिन में सोना ₹8797 और चांदी ₹29,792 सस्ती, फिर भी दुनिया की सबसे बड़ी संपत्ति बना गोल्ड
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच जहां वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है, वहीं सोना-चांदी की कीमतों ने निवेशकों को चौंका दिया है। आमतौर पर जब दुनिया में युद्ध या आर्थिक संकट की स्थिति होती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर भागते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग नजर आ रही है।
मार्च 2026 के दूसरे सप्ताह में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, चार कारोबारी दिनों में सोना करीब ₹8797 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया, जबकि चांदी की कीमत ₹29,792 प्रति किलोग्राम तक गिर गई है।
इसके बावजूद वैश्विक स्तर पर सोने की कुल मार्केट वैल्यू 30 से 35 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच चुकी है, जो भारत और यूनाइटेड किंगडम की संयुक्त GDP से कई गुना ज्यादा है।
चार दिनों में सोना-चांदी में बड़ी गिरावट
सोने और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों दोनों को हैरान किया है। सोमवार के कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत एक झटके में लगभग ₹7500 प्रति किलो तक गिर गई। वहीं सोना भी करीब ₹1800 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोना कारोबार बंद होने तक करीब ₹1,58,674 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत घटकर ₹2,60,056 प्रति किलोग्राम रह गई।
अगर पिछले चार दिनों का आंकड़ा देखें तो सोना लगभग ₹8,797 और चांदी करीब ₹29,792 सस्ती हो चुकी है।
Quick Facts
• 4 दिनों में सोना ₹8797 सस्ता • चांदी ₹29,792 प्रति किलो गिरी • चांदी एक दिन में ₹7500 तक टूटी • सोने की वैश्विक मार्केट वैल्यू 30-35 ट्रिलियन डॉलर • गोल्ड ने भारत-यूके की संयुक्त GDP को पीछे छोड़ायुद्ध के बावजूद क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?

सामान्य परिस्थितियों में जब दुनिया में युद्ध या आर्थिक संकट होता है तो सोना “सेफ हेवन एसेट” बनकर उभरता है। निवेशक जोखिम भरे शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में निवेश करते हैं।
लेकिन इस बार हालात थोड़े अलग हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध शुरू होने से पहले ही सोना और चांदी में काफी तेजी आ चुकी थी। जनवरी 2026 में सोना अपने लाइफ टाइम हाई ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। वहीं चांदी भी ₹4,20,000 प्रति किलो के करीब पहुंच गई थी।
अब निवेशक इस तेजी के बाद मुनाफा वसूली कर रहे हैं। यानी जो निवेशक पहले ऊंचे दाम पर खरीद चुके थे, वे अब लाभ लेकर बाजार से बाहर निकल रहे हैं।
इसके अलावा शेयर बाजार में आई गिरावट की वजह से कई निवेशक कैश की जरूरत के चलते सोना-चांदी बेच रहे हैं।
मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों को अस्थिर कर दिया है। अमेरिका के समर्थन से इजरायल द्वारा किए गए हमलों और ईरान के जवाबी मिसाइल हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे की स्थिति, तेल आपूर्ति में बाधा और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की आशंका ने कच्चे तेल की कीमतों को तेजी से ऊपर पहुंचा दिया है।
इस स्थिति ने वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली को बढ़ावा दिया है, जिससे निवेशकों की रणनीति भी बदल रही है।
Gold Market Data
• दुनिया में कुल उपलब्ध सोना: लगभग 216,000–218,000 मीट्रिक टन • कुल वैश्विक वैल्यू: 30-35 ट्रिलियन डॉलर • अंतरराष्ट्रीय गोल्ड कीमत: 5100-5200 डॉलर प्रति औंस • रिकॉर्ड स्तर: 5600 डॉलर प्रति औंस के करीब • भारत की GDP: लगभग 4.5-5 ट्रिलियन डॉलरभारत-यूके की GDP से कई गुना बड़ी गोल्ड वैल्यू
दुनिया में जमीन के ऊपर मौजूद कुल सोने की मात्रा लगभग 216,000 से 218,000 मीट्रिक टन मानी जाती है। मौजूदा कीमतों के आधार पर इसकी कुल वैल्यू लगभग 30 से 35 ट्रिलियन डॉलर बैठती है।
तुलना करें तो भारत की नॉमिनल GDP लगभग 4.5-5 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि यूनाइटेड किंगडम की GDP करीब 4.2-4.3 ट्रिलियन डॉलर है।
यानी सोने की कुल वैल्यू इन दोनों देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था से भी कई गुना ज्यादा है।
यह दिखाता है कि संकट के समय निवेशकों का भरोसा अब भी सोने पर बना हुआ है।

चांदी में ऐतिहासिक गिरावट
चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट काफी बड़ी मानी जा रही है। जनवरी 2026 में चांदी का भाव लगभग ₹4,20,000 प्रति किलो तक पहुंच गया था।
लेकिन अब यह गिरकर लगभग ₹2,60,000 प्रति किलो के आसपास आ गया है।
यानी सिर्फ कुछ ही हफ्तों में चांदी करीब ₹1.26 लाख प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
Expert View
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई के लिए निवेशक सोना-चांदी में मुनाफा वसूली कर रहे हैं। उनके मुताबिक आने वाले समय में सोना लगभग ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.50 लाख प्रति किलो तक आ सकती है।क्या अभी सोना खरीदना सही है?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार काफी अस्थिर है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने या घटने के आधार पर सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
अगर युद्ध का दायरा बढ़ता है और तेल की कीमतें और ऊपर जाती हैं तो सोने में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत रहती है और डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
सोना खरीदते समय रखें ये बातें ध्यान
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। यह हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है।
इसके अलावा खरीदारी से पहले सोने की कीमत को अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लें, क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है।
आगे कैसी रह सकती है कीमतों की चाल?
आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से तीन फैक्टर तय करेंगे।
पहला, मिडिल ईस्ट का भू-राजनीतिक संकट।
दूसरा, कच्चे तेल की कीमतें।
तीसरा, अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों की स्थिति।
अगर वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो सोना एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बन सकता है।








