ईरान के जवाबी मिसाइल हमले से मध्य इज़रायल दहला, पेताह टिकवा के रिहायशी इलाके में भारी नुकसान
चौथे दिन भी जारी संघर्ष, अपार्टमेंट की छत फटी और कई वाहन क्षतिग्रस्त
ईरान और इज़रायल-अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव के चौथे दिन मध्य इज़रायल के शहर Petah Tikva में एक बड़ा मिसाइल हमला हुआ, जिससे रिहायशी इलाके में भारी नुकसान पहुंचा। हमले में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग की छत में बड़ा छेद हो गया, जबकि आसपास खड़े कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की आधिकारिक सूचना नहीं है।
अपार्टमेंट की छत में बना बड़ा छेद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार सुबह तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद धुएं का गुबार आसमान में फैल गया और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। प्रभावित अपार्टमेंट की छत पर मिसाइल के प्रभाव के स्पष्ट निशान देखे गए।
मौके पर पहुंची आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत इलाके को घेर लिया और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। क्षतिग्रस्त वाहनों और मलबे को हटाने का काम जारी है।

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चौथे दिन भी थमने के आसार नहीं
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और इज़रायल-अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। संघर्ष के चौथे दिन भी दोनों पक्षों की ओर से हमले जारी हैं।
सोमवार (2 मार्च) को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से जब इस युद्ध की अवधि को लेकर सवाल पूछा गया, तो दोनों नेताओं ने किसी निश्चित समयसीमा से इनकार कर दिया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है।
वैश्विक बाजारों और तेल आपूर्ति पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल-ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। क्षेत्र में अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहले ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
तेल की कीमतों में संभावित वृद्धि और सप्लाई चेन पर असर की आशंका से दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
पेताह टिकवा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने, बम शेल्टर का उपयोग करने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
वर्तमान में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों के कारण आम लोगों के बीच चिंता और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। आने वाले समय में यह टकराव किस मोड़ पर पहुंचेगा, इसे लेकर वैश्विक समुदाय की निगाहें स्थिति पर टिकी हुई हैं।








